सहारनपुर : अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच चल रही लड़ाई का असर अब अलग-अलग व्यापारिक क्षेत्रों में दिखने लगा है। प्लास्टिक से बने सामानों और खिलौनों के साथ घरेलू सामानों की कीमतों में इजाफा हो गया है। प्लास्टिक ग्रैन्यूल्स यानी कच्चा माल की कीमत बढ़ने से सामान में भी 20 से 25 प्रतिशत वृद्धि हुई है। जिससे बच्चों के प्लास्टिक के खिलौने भी महंगे हो गए हैं। जिसके चलते बाजारों में प्लास्टिक सामान के ग्राहक नाम मात्र के ही आ रहे हैं। वहीं गैस किल्लत के चलते इंडक्शन चूल्हे की बिक्री में दोगुना इजाफा हुआ है।
आपको बता दें कि प्लास्टिक ग्रैन्यूल्स नेफ्था और एथिलीन से बनाए जाते हैं। जो कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस से मिलते हैं। कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट और इसकी बढ़ती कीमतों को लेकर चिंताओं के कारण प्लास्टिक से बने उत्पादों की कीमतें तेज़ी से बढ़ती जा रहीं हैं। प्लास्टिक व्यापारियों के मुताबिक प्लास्टिक ग्रैन्यूल्स बनाने वाली कंपनियों ने पहले ही कीमतें बढ़ाना शुरू कर दिया। जो खिलौना पहले ₹250 का मिलता था, वह अब ₹300 से ऊपर बिक रहा है। साथ ही कुर्सियों और पेनों सहित अन्य चीज़ों की कीमतें भी बढ़ गई हैं। जो डिब्बा पहले ₹15 में बिकता था, वह अब ₹17 से ₹18 के बीच बिक रहा है।
इसके अलावा नोटबुक को कवर करने के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक रोल की कीमत भी बढ़ गई है। एक आम 20-लीटर की प्लास्टिक बाल्टी, जिसकी कीमत पहले ₹250 थी, अब ₹275 की हो गई है। इसी तरह, बच्चों के लिए प्लास्टिक की तिपहिया साइकिल की कीमत ₹1,000 से बढ़कर ₹1,100 हो गई है।
इस बीच एलपीजी गैस की किल्लत ने भी आमजन की समस्याएं बढ़ा दी हैं। जिसके चलते उपभोक्ता न सिर्फ गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइन में लगे हुए हैं बल्कि उपभोक्ता तेज़ी से इंडक्शन चूल्हे की ओर रुख कर रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर इन उपकरणों की बिक्री में भारी उछाल देखा गया है। गैस खत्म होने के बाद लोग इन्हें बेहतर विकल्प के तौर पर खरीद रहे हैं। नतीजतन, कई दुकानों पर इंडक्शन चूल्हे का स्टॉक खत्म होने लगा है।
क्रॉकरी व्यापारी अशोक मलिक ने बताया कि प्लास्टिक की बढ़ती कीमत का सीधा असर खिलौनों और क्रॉकरी के सामान की कीमतों पर पड़ रहा है, जिनमें 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। दुकान के मालिक मनीष मलिक ने बताया कि कीमतों में बढ़ोतरी का असर कई तरह के सामानों पर पड़ा है। पल्स्टिक के सामान बनाने वाली कंपनियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पैकेजिंग मटीरियल से लेकर ग्राहकों के इस्तेमाल की अन्य चीज़ों तक सबके दामों में इजाफा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि कंपनियों ने पहले ही उत्पादों की कीमतें बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

